पहली बार केदारनाथ मंदिर व बदरीनाथ मंदिर में लगेगी एटीसी प्रणाली, पल-पल मिलेगी मौसम की जानकारी

आगामी चारधाम यात्रा 2026 के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पहली बार केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) प्रणाली स्थापित की जाएगी। इससे यात्राकाल में मौसम की पल-पल की सटीक जानकारी उपलब्ध होगी और खराब मौसम में उड़ानों को समय रहते रोका जा सकेगा।
बदलते मौसम से बढ़ता जोखिम
केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और हेमकुंड साहिब जैसे धाम ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां मौसम अचानक बदल जाता है। घाटियों में धुंध, तेज बारिश और कम दृश्यता हेलिकॉप्टर उड़ानों के लिए खतरा बन जाती है। पिछले वर्ष केदारनाथ और उत्तरकाशी में दो अलग-अलग हादसों में 13 लोगों की मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है।
यूकाडा की पहल
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकेडा) ने सुरक्षित हेली सेवा संचालन के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इससे पहले सिरसी और सहस्त्रधारा हेलिपैड पर एटीएस प्रणाली स्थापित की जा चुकी है। अब यात्रा शुरू होने से पहले केदारनाथ और बदरीनाथ में भी एटीसी सिस्टम लगाए जाएंगे।
यूकेडा के सीईओ आशीष चौहान के अनुसार, 25 फरवरी तक केदारनाथ हेली सेवा के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। एटीसी प्रणाली के जरिए मौसम की रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी और हेलिकॉप्टरों की लाइव ट्रैकिंग की जाएगी। यदि मौसम प्रतिकूल पाया जाता है तो उड़ान की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि
नई व्यवस्था से चारधाम यात्रा के दौरान हेली सेवाएं अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित होंगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि यात्रियों को सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लिया जा सके।



