उत्तराखण्ड समाचार

सीएम पुष्कर सिंह धामी से मिलने से रोके जाने के बाद पूर्व विधायक भीम लाल आर्य की प्रेस वार्ता, सरकार पर साधा निशाना

उत्तरकाशी/देहरादून। मुख्यमंत्री से मुलाकात से रोके जाने के बाद घनसाली के पूर्व विधायक भीम लाल आर्य ने प्रेस वार्ता कर प्रदेश सरकार, स्थानीय विधायक और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वह क्षेत्र की जनसमस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया और उनके घर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पूर्व विधायक होने के बावजूद उन्हें कार्यक्रम में शामिल नहीं होने दिया गया।

आर्य ने कहा कि पिलखी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का शिलान्यास किसी सरकार की कृपा नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता के लंबे जनांदोलन का परिणाम है। उनका आरोप है कि घनसाली दैविक आपदा प्रभावित क्षेत्र है, जहां वर्षों से उप जिला चिकित्सालय की मांग उठती रही है, लेकिन सरकार ने केवल सीएचसी देकर जनता को संतुष्ट करने की कोशिश की।

उन्होंने दावा किया कि बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के कारण क्षेत्र में चार लोगों की मौत हो चुकी है। बेलेश्वर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी मानकों के अनुरूप नहीं है और वहां डॉक्टरों व आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। इसके बावजूद सरकार ने एक और सीएचसी घोषित कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।

धक्का-मुक्की और मारपीट का आरोप

पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने से रोकने के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की कोशिश की गई। उन्होंने इसे स्थानीय विधायक शक्ति लाल शाह और प्रशासन का “कुचक्र” बताया। उनका कहना है कि सरकार और जनप्रतिनिधि जनता के असली मुद्दों से बच रहे हैं।

आर्य के अनुसार मुख्यमंत्री ने घनसाली में केवल भाषण दिया, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाओं, पलायन और जंगली जानवरों के आतंक जैसे गंभीर विषयों पर कोई ठोस घोषणा नहीं की। उन्होंने कहा कि सीमांत गांव गेंवाली में ग्रामीण आमरण अनशन पर बैठे हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही।

अंत में आर्य ने सरकार को पहाड़ विरोधी बताते हुए कहा कि आने वाले चुनाव में घनसाली की जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीणों की आवाज उठाने वालों को दबाने की कोशिश की जा रही है।

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