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उत्तराखंड में तापमान गिरा, बारिश-बर्फबारी का इंतजार

उत्तराखंड । उत्तराखंड  में पिछले कुछ दिनों से सुबह-शाम के साथ दिन का तापमान भी लगातार नीचे जा रहा है, जिससे सर्दी का अहसास बढ़ गया है। हालांकि, प्रदेश के मैदानी और पर्वतीय इलाकों में लोग अभी भी बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि मौसम में वास्तविक ठंडक तब ही आती है जब पर्वतीय क्षेत्रों में अच्छा हिमपात हो और मैदानी हिस्सों में ठंडी हवाएं तेज हों। इस वर्ष नवंबर की शुरुआत में जिस तरह आमतौर पर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी देखी जाती है, वैसी स्थिति अभी तक बन नहीं सकी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बारिश होने से तापमान में तेज गिरावट आती है, और जब तापमान शून्य डिग्री तक पहुंचता है, तभी बर्फबारी की परिस्थितियां बनती हैं, लेकिन फिलहाल मौसम इसके अनुकूल नहीं हो पाया है।

प्रदेशभर में अब तक के मौसम को देखें तो ऊंचाई वाले इलाकों में केवल एक-दो बार ही हल्की बर्फबारी दर्ज की गई, जो सामान्य परिस्थितियों के मुकाबले काफी कम है। आमतौर पर नवंबर की शुरुआत से उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों—विशेषकर चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़—में बर्फबारी शुरू हो जाती है। इसका सीधा असर देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, काशीपुर और हल्द्वानी जैसे मैदानी क्षेत्रों पर पड़ता है, जहां दिन में भी ठंडी हवाएं लोगों को परेशान करने लगती हैं। लेकिन इस वर्ष मानसून की विदाई के बाद बारिश न होने से वातावरण में नमी की कमी बनी हुई है, जिससे तापमान उतना नहीं गिर रहा, जितना कि बर्फबारी के लिए आवश्यक होता है। नमी की यह कमी पहाड़ों में हिमपात की संभावनाओं को और कमजोर कर रही है।

रविवार को मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार अगले कुछ दिनों तक भी पूरे उत्तराखंड में मौसम शुष्क बने रहने के आसार हैं। देहरादून में आसमान साफ रहने की संभावना है, जिससे दिन में हल्की धूप और रात में ठंडी हवाएं बनी रहेंगी। विभाग ने अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 9 डिग्री रहने का अनुमान जताया है। ऐसे में लोगों को फिलहाल कड़ाके की ठंड और भारी बर्फबारी जैसी स्थितियों के लिए इंतजार करना होगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जब तक पश्चिमी विक्षोभ मजबूत रूप में सक्रिय नहीं होगा, तब तक बारिश और बर्फबारी की संभावना बहुत कम रहेगी।

इस समय मौसम की इस शुष्क स्थिति से पर्यटन उद्योग पर भी हल्का प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है, क्योंकि नवंबर-दिसंबर में कई पर्यटक बर्फबारी देखने उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों का रुख करते हैं। लोगों की उम्मीदें अभी भी बनी हुई हैं कि दिसंबर के पहले सप्ताह में मौसम में बदलाव होगा, लेकिन फिलहाल मौसम विभाग ने किसी बड़े सिस्टम के सक्रिय होने के संकेत नहीं दिए हैं। ऐसे में प्रदेशवासियों और पर्यटकों दोनों को उत्तराखंड में असली सर्दी के आगमन के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा।

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