उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026: दो लाख से अधिक छात्र देंगे परीक्षा, नकल रोकने को तीन स्तर पर सचल दल

देहरादून। 21 फरवरी से शुरू हो रही उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को नकलविहीन बनाने के लिए राज्य, मंडल और जिला स्तर पर तीन स्तरों पर सचल दल (फ्लाइंग स्क्वॉड) गठित किए जाएंगे। इस वर्ष 1261 परीक्षा केंद्रों पर दो लाख से अधिक छात्र परीक्षा में शामिल होंगे।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक के अनुसार सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। संस्थागत और व्यक्तिगत अभ्यर्थियों के आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किए जा चुके हैं।
1261 परीक्षा केंद्र, कई संवेदनशील
बोर्ड परीक्षाओं के लिए कुल 1261 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 50 एकल और 1211 मिश्रित केंद्र शामिल हैं। 156 केंद्र संवेदनशील और छह अति संवेदनशील चिह्नित किए गए हैं। 24 नए परीक्षा केंद्र भी बनाए गए हैं।
जिलेवार स्थिति की बात करें तो टिहरी में सर्वाधिक 136 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जबकि चंपावत जिले में सबसे कम 44 केंद्र निर्धारित किए गए हैं।
मूल्यांकन और निगरानी की व्यवस्था
उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन के लिए 39 केंद्र बनाए गए हैं। वहीं, मूल्यांकन के लिए 29 केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 16 गढ़वाल और 13 कुमाऊं मंडल में स्थित हैं। सभी मूल्यांकन केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
प्रयोगात्मक परीक्षाएं 16 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक आयोजित की जा चुकी हैं। अब लिखित परीक्षाएं 21 फरवरी से शुरू होंगी। शिक्षा विभाग का दावा है कि इस बार सख्त निगरानी के साथ परीक्षा प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।



