उत्तराखण्ड समाचार

इंटर कॉलेज खदरासी के कनिष्ठ सहायक साक्षात्कार को लेकर हंगामा, ग्रामीणों के विरोध पर प्रक्रिया फिर स्थगित

कोटद्वार।नैनीडांडा ब्लॉक के इंटर कॉलेज खदरासी में कनिष्ठ सहायक के एक पद पर भर्ती को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को इस पद के लिए आयोजित दूसरा साक्षात्कार भी ग्रामीणों के तीव्र विरोध और हंगामे के चलते स्थगित करना पड़ा। शिक्षा विभाग की ओर से इस बार साक्षात्कार का आयोजन कोटद्वार भाबर स्थित इंटर कॉलेज मोटाढाक में किया गया था, लेकिन जैसे ही प्रक्रिया शुरू हुई, खदरासी गांव के ग्रामीण और युवा वहां पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे।

ग्रामीणों ने विद्यालय परिसर में जमकर नारेबाजी की और साक्षात्कार में धांधली की आशंका जताई। स्थिति बिगड़ने पर साक्षात्कार समिति ने प्रक्रिया को बीच में ही रोक दिया और मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी गढ़वाल को इसकी सूचना भेज दी। यह लगातार दूसरी बार है जब इस पद के लिए साक्षात्कार को स्थगित करना पड़ा है।

दरअसल, वर्ष 2021 में इंटर कॉलेज खदरासी में कनिष्ठ सहायक के एक पद के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। पहली बार 26 अगस्त को साक्षात्कार खदरासी में ही प्रस्तावित था, लेकिन उस समय भी ग्रामीणों ने विरोध करते हुए इसे रद्द करवा दिया था। इसके बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी गढ़वाल के आदेश पर दो नवंबर को साक्षात्कार कोटद्वार के जनता इंटर कॉलेज मोटाढाक में तय किया गया।

शिक्षा विभाग की ओर से इस प्रक्रिया के लिए इंटर कॉलेज कमलपुर संगलाकोटी के प्रधानाचार्य एस.एस. रावत को विशेषज्ञ सदस्य बनाया गया था। मगर रविवार को सुबह खदरासी गांव से कई ग्रामीण वाहन भरकर कोटद्वार पहुंचे। इनमें जगत सिंह रावत, सतीश चंद्र, विनोद रावत, संदीप रावत सहित कई ग्रामीण शामिल थे।

प्रदर्शनकारियों ने उत्तराखंड बेरोजगार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राम कंडवाल का सहयोग लेते हुए साक्षात्कार स्थल पर जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन समिति भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी कर रही है और पक्षपात की आशंका है। उन्होंने मांग की कि इस पद के लिए नई विज्ञप्ति जारी की जाए ताकि चयन प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।

ग्रामीणों का कहना था कि नैनीडांडा क्षेत्र की नियुक्ति प्रक्रिया को कोटद्वार में आयोजित करने का कोई औचित्य नहीं है। उनका कहना है कि यदि साक्षात्कार स्थानीय स्तर पर कराया जाए तो सभी अभ्यर्थियों के लिए समान अवसर उपलब्ध रहेंगे। बढ़ते विरोध को देखते हुए समिति को फिर एक बार साक्षात्कार स्थगित करने का निर्णय लेना पड़ा।

 

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