यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन से सैकड़ों कांवड़ यात्री फंसे, मार्ग बहाल होने पर मिली राहत

उत्तरकाशी/चमोली। यमुनोत्री हाईवे पर लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण सैकड़ों कांवड़ यात्री और अन्य श्रद्धालु रास्ते में फंस गए। सिलाई बैंड के पास मार्ग आंशिक रूप से खुलने के बाद यात्रियों को राहत मिली और वे अपने गंतव्य की ओर रवाना हो सके। हालांकि पालीगाड़ से जानकीचट्टी तक हाईवे की स्थिति अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है।
स्यानाचट्टी, सिलाई बैंड और हनुमान चट्टी के आसपास लगातार चट्टानों से मलबा और पत्थर गिरने के कारण मार्ग बहाली का कार्य प्रभावित हो रहा है। निर्माण एजेंसी युद्धस्तर पर सड़क खोलने में जुटी है और मशीन ऑपरेटर जोखिम उठाकर मलबा हटाने का कार्य कर रहे हैं।
इस बीच जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर राम मंदिर के समीप एक सप्ताह बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है। श्रद्धालु यहां जोखिम उठाकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। वहीं स्यानाचट्टी से आगे क्षतिग्रस्त हाईवे पर पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ओवरलोड वाहनों की आवाजाही जारी है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
उधर, चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में सोमवार रात हुई मूसलाधार बारिश से भी जनजीवन प्रभावित हुआ। गमलीगाड़ में मलबा आने से देवाल-लोहाजंग स्टेट हाईवे बंद हो गया, जिससे करीब 12 हजार की आबादी का संपर्क प्रभावित हुआ। मलबे में एक कार भी फंस गई। इसके अलावा देवाल-खेता मानमती मार्ग सुयालकोट के पास बंद होने से 12 गांवों का संपर्क कट गया, जबकि हाटकल्याड़ी-सवाड़ पीएमजीएसवाई सड़क भी जैनबिष्ट के पास अवरुद्ध हो गई।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता जे.के. टम्टा ने बताया कि सभी बंद मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी और पोकलेन मशीनें लगाई गई हैं तथा जल्द से जल्द यातायात बहाल करने के प्रयास जारी हैं।



